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किसान गिरदावरी एप के माध्यम से काश्तकार खुद कर सकेंगे गिरदावरी

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किसान गिरदावरी एप के माध्यम से काश्तकार खुद कर सकेंगे गिरदावरी / Farmers will be able to do Girdawari themselves through Kisan Girdawari App : – नमस्कार किसान भाइयों राजस्थान सरकार ने किसान भाइयों को फसल खराबे से बचाने के लिए तीन एप लांच किए हैं जिनके माध्यम से किसान अपने मोबाइल से खेत में बैठे ही गिरदावरी कर सकेंगे और उन्हें बीमा कंपनी और पटवारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रोजाना अपनी मंडी भाव फसलों की तेजी मंदी रिपोर्ट मौसम पूर्वानुमान कृषि समाचार योजनाओं की जानकारी पाने के लिए गुगल पर सर्च जरूर करें 👉 Mandi Xpert

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राजस्थान सरकार
जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, हनुमानगढ़

किसान गिरदावरी एप के माध्यम से काश्तकार खुद कर सकेगा गिरदावरी

किसानों को अब पटवारी का नहीं करना होगा इंतजार, मोबाइल में खेत से ही दर्ज कर सकेंगे गिरदावरी

हनुमानगढ़, 8 फरवरी। जिले में अब काश्तकार खुद अपने खेत में फसल की गिरदावरी करेंगे। जिले में पहली बार यह व्यवस्था लागू की गई है। आपको बता दें इस योजना से किसानों में खुशी की लहर है, क्योंकि जिले में अब काश्तकार खुद अपने खेत में फसल की गिरदावरी कर सकते है।

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अब किसानों को कई तरह की समस्याओं से राहत मिलेगी। एप्लीकेशन को 1 लाख से अधिक काश्तकारों ने डाउनलोड किया है और इसका इस्तेमाल कर रहे है।

किसान अब अपनी फसलों के खराबे का आकलन खुद कर पाएंगे। इसके लिए भू-प्रबंध विभाग ने किसान गिरदावरी ऐप लांच किया है। इसके इस्तेमाल से किसान फसल खराब होने के तुरंत बाद एप के जरिए गिरदावरी रिपोर्ट बना सकते है। एप लांच होने का फायदा यह भी है कि किसानों को बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि या सरकारी नुमाइंदों का गिरदावरी के लिए इंतजार नहीं करना होगा।

किसान गिरदावरी ऐप के साथ ही सीडिंग एप भी लॉन्च

राजस्व मंडल अजमेर एवं भू-प्रबंध विभाग (नोडल अधिकारी, डीआईएलआरएमपी) की ओर से सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के माध्यम से तीन प्रकार के मोबाइल ऐप लॉन्च किये गए है, तीनों ही एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है।

सरकार ने किसान गिरदावरी एप के साथ-साथ राजस्व अधिकारी (पटवारी) एप और जनाधार खाता सीडिंग एप भी लॉन्च किए है। इस एप के जरिए किसान के जनाधार से खाते और खसरे को जोड़ा जाएगा। साथ ही खाते और खसरे को मैप भी किया जा सकता है।

ऐसे काम करेगा किसान गिरदावरी एप्लीकेशन : – गूगल प्ले स्टोर से किसान गिरदावरी एप डाउनलोड कर, जनाधार नम्बर डालकर लॉगिन किया जाएगा। जनाधार सदस्यों में से काश्तकार का चयन करने पर ओटीपी प्राप्त होगा।

ओटीपी दर्ज करने के उपरांत फसल विवरण जोड़े पर क्लिक करने पर खसरा सर्च ऑप्शन में जिला, तहसील, गांव और खसरा का चयन करना होगा, जहां काश्तकार की भूमि है। उसके उपरांत किसान को फोन की लोकेशन ऑन करनी होगी और अपने खेत से ही फसलों के विवरण के साथ ही फोटो डालनी होगी।

आंकड़ों के लिए किसान को खेत पर जाना होगा । गिरदावरी कार्य में मुख्य बात यह है कि पूरी प्रक्रिया काश्तकार को अपने खेत में उपस्थित रहकर करनी होगी। क्योंकि जियो टैग के आधार पर पूरा कार्य होगा, जिस कारण यह कार्य सबंधित खसरे में खड़े होकर या लगभग 50-60 फीट की परिधि में रहकर ही करना होगा।

गिरदावरी को प्रमाणित करने के लिए भी एक राजस्व अधिकारी एप बनाया गया, जिससे पटवारी गिरदावरी को प्रमाणित करने का कार्य करेंगे एवं यदि काश्तकारों के खसरों में फसल खराबा हुआ है, तो खराबा दर्ज करने का कार्य पटवारी इसी एप से करेंगे ताकि काश्तकार को गिरदावरी करने में आसानी रहे।

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