WhatsApp Group से जुड़े
Join Now
Youtube channel से जुड़े Subscribe
Telegram Channel से जुड़े Join Now

 

जीरा भाव तेजी मंदी रिपोर्ट 2024 / जीरा भाव फिर छुएगा आसमान या आएगी मंदी

Spread the love

जीरा भाव तेजी मंदी रिपोर्ट 2024 / Cumin price bullish recession report 2024 / Will cumin price touch the sky again or will recession come :- नमस्कार किसान भाइयों आज हम इस पोस्ट में जानेंगे जीरा भाव तेजी मंदी रिपोर्ट और जीरा भाव में तेजी आएगी या मंदी। रोजाना अपनी मंडी के ताजा भाव अपडेट फसलों की तेजी मंदी रिपोर्ट और मौसम पूर्वानुमान की जानकारी पाने के लिए गुगल पर सर्च जरूर करें 👉 Mandi Xpert

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

आज का ग्वार भाव 👉 NCDEX ग्वार गम और सीड में उछाल / ग्वार मंडियों में भारी उठा पटक

24 जनवरी गुजरात में अब नए जीरे की आवक होनी शुरू हो गई है। सौराष्ट्र के बाद ऊंझा में भी पिछले दिनों नए जीरे की आवक हुई थी। इतना ही नही, चालू जनवरी महीने के अंत तक इसकी नियमित आवक होने का भी अनुमान व्यक्त किया जा रहा है। हालांकि सौराष्ट्र में जीरे की फसल को नुकसान होने की भी चर्चाएं चल रही हैं। अत: आगामी दिनों में जीरा सीमित दायरे में घूमता रहने के आसार नजर आ रहे हैं।

गुजरात और राजस्थान देश में जीरे के सबसे बड़े उत्पादक राज्य हैं। इन दोनों राज्यों में जीरे की बुआई का काम चल रहा है। गुजरात में तो जीरे की बुआई ने इस बार पिछले सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। इस प्रमुख किराना जिंस की नवीनतम बिजाई ने एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है।

राज्य कृषि विभाग द्वारा जारी किए गए नवीनतम आंकड़ों : – पर यदि भरोसा किया जाए तो गुजरात में चालू सीजन दौरान राज्य में जीरे की बुआई बढ़ती हुई कुल 5,60,800 हेक्टेयर में बिजाई हो चुकी है। एक वर्ष पूर्व की आलोच्य अवधि में इसकी 2,75,700 हेक्टेयर में बुआई हुई थी। इससे पता चलता है कि पिछले सीजन की समीक्षागत अवधि की तुलना में इस बार अभी तक जीरे की बिजाई में 2 लाख 85 हजार 100 हेक्टेयर या करीब 103.40 प्रतिशत का उछाल आया है। इससे पूर्व इस बार जीरे की बिजाई करीब 25 प्रतिशत वृद्धि होने का अनुमान व्यक्त किया था।

यह भी जाने 👇👇

नीम से जैविक कीटनाशक बनाने की विधि/ जानिए पूरी प्रक्रिया

बवासीर के रोगियों के लिए रामबाण है यह सब्जी , किसान भी खेती से हो रहे मालामाल

बहरहाल, पूर्व में सौराष्ट्र में नए जीरे की दो-चार बोरियों की आवक होने तथा इसकी कीमत सामान्य से काफी ऊंची खुलने के बाद ऊंझा में भी नया जीरा आने की जानकारी मिली। ऊंझा में नए जीरे की कीमत 6 हजार रुपए खुलने की रिपोर्ट मिली थी। लेकिन इससे पूर्व जीरे की किसानी आवक नगण्य रह गई है। इसके बाद भी वहां इसकी कुल करीब 2 हजार बोरियों की ही आवक हो रही है।

आवक घटने के बाद भी ऊंझा में जीरे की कीमत गिरावट आई थी। मांग कमजोर पड़ने के कारण हाल ही में यह 200-250 रुपए और मंदा होकर फिलहाल 5750/5800 रुपए प्रति 20 किलोग्राम पर बना हुआ है। इससे पूर्व इसमें 150-200 रुपए की मंदी आई थी। इधर, स्थानीय थोक किराना बाजार में भी बिकवाली बनी होने से जीरा सामान्य हाल ही में 1000-1500 रुपए और लुढ़ककर फिलहाल 29,500/30,000 रुपए प्रति क्विंटल पर बना हुआ है। इससे पूर्व इसमें 2500-3000 रुपए की गिरावट आई थी।

इसके अलावा आयातक देशों की ऊंझा मंड़ी में जीरे में सक्रियता का अभाव बना हुआ था। यद्यपि पूर्व बंगलादेश द्वारा पिछले दिनों थोड़ी खरीद किए जाने की रिपोर्ट मिली थी। भारत के अलावा विश्व में तुर्की और सीरिया को जीरे के अन्य उत्पादक देशों के रूप में जाना जाता है लेकिन अब अफगानिस्तान तथा ईरान भी चुनौती पेश करने लगे हैं। आमतौर पर तुर्की एवं सीरिया में संयुक्त रूप से करीब 35 हजार टन जीरे का उत्पादन होता है और इनकी क्वालिटी भारतीय जीरे की तुलना में हल्की होती है।

चालू वित्त वर्ष 2023-24 के आरंभिक सात महीनों यानी अप्रैल-अक्तूबर, 2023 में जीरे का कुल 84,475.41 टन का हुआ। इससे 3080.45 करोड़ रुपए की आय हुई। एक वर्ष पूर्व की आलोच्य अवधि में देश से 2599.84 करोड़ रुपए मूल्य के
1,22,056.64 टन जीरे का निर्यात हुआ था। आगामी दिनों में जीरा सीमित दायरे में घूमते रहने के आसार हैं।

Don`t copy text!